PMEGP लोन 2024: आधार कार्ड लाओ और लोन ले जाओ

PMEGP लोन 2024: आधार कार्ड लाओ और लोन ले जाओ

क्या आप खुद का व्यवसाय शुरू करने का सपना देखते हैं लेकिन शुरुआती पूंजी के अभाव में आपके कदम पीछे हट जाते हैं? अगर हां, तो भारत सरकार की प्रमुख योजना ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) आपकी इस समस्या का समाधान कर सकती है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक मदद तथा सब्सिडी प्राप्त कर आप आसानी से अपना स्वरोजगार स्थापित करने की मंजिल तक पहुंच सकते हैं। तो चलिए, अब इस अहम योजना को विस्तार से समझते हैं।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के बारे में –

मोदी सरकार के प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) को सूक्ष्म, लघु, एवं मध्यम मंत्रालय (MSME) के अधीन खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा लागू किया जाता है। इस योजना का मूल उद्देश्य शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों का सृजन कर राष्ट्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। पीएमईजीपी भारत सरकार की ऐसी कल्याणकारी योजना है जो स्वरोजगार को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक उत्थान में सहायक है।

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PMEGP लोन कितना मिल सकता है –

PMEGP लोन, दो प्रकार के उद्यमों के लिए अलग-अलग ऋण राशि प्रदान करता है –

उत्पादन उद्यम (Manufacturing Unit) के लिए :

  • अधिकतम ऋण राशि: 25 लाख रुपये
  • सब्सिडी: 15% से 35% (आपकी जाति/श्रेणी और ऋण राशि पर निर्भर)

सेवा उद्यम (Service Unit) के लिए :

  • अधिकतम ऋण राशि: 10 लाख रुपये
  • सब्सिडी: 15% से 35% (आपकी जाति/श्रेणी और ऋण राशि पर निर्भर)

पीएमईजीपी सब्सिडी कितनी है? 

लाभार्थी श्रेणियाँ लाभार्थी का हिस्सा(कुल प्रोजेक्ट का) सब्सिडी दर(सरकार से) – शहरी सब्सिडी दर(सरकार से) – ग्रामीण
सामान्य 10% 15% 25%
विशेष 5% 25% 35%

Pmegp से लोन कैसे लें?

पीएमईजीपी लोन प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए सरल चरणों को समझें –

  1. सबसे पहले यह तय करें कि आप किस क्षेत्र से जुड़ा व्यवसाय करना चाहते हैं। उत्पादन क्षेत्र हो या फिर सेवा क्षेत्र, एकदम स्पष्ट विचार होना चाहिए।
  2. इसके बाद EDP प्रशिक्षण प्राप्त करें, क्योंकि योजना के लिए उद्यम प्रशिक्षण कार्यक्रम (EDP) में प्रशिक्षित होना अनिवार्य है।
  3. प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाएं: एक व्यवहारिक एवं लुभावनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट का निर्माण अत्यंत जरूरी है जो आपके व्यवसायिक लक्ष्यों, बाजार की संभावनाओं, और वित्तीय अनुमानों को रेखांकित करती हो।
  4. इसके बाद अपने चुने क्षेत्र में स्थित किसी भी नजदीकी बैंक या वित्तीय संस्थान में अपने जरूरी दस्तावेजों (आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल इत्यादि) के साथ ऋण के लिए आवेदन करें।
  5. आवेदन फॉर्म व जरुरी दस्तावेज जमा करने के बाद आपके लोन आवेदन का संबंधित बैंक या संस्थान द्वारा विधिवत मूल्यांकन किया जाएगा।
  6. बैंक द्वारा ऋण आवेदन को स्वीकारे जाने के बाद ही सब्सिडी राशि भी जारी की जाती है।

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पीएमईजीपी लोन पर लागू ब्याज दरें

पीएमईजीपी लोन पर लागू ब्याज दरें बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा निर्धारित की जाती हैं।

अनुमानित ब्याज दरें –

  • उत्पादन उद्यमों के लिए: 7% से 9% प्रति वर्ष
  • सेवा उद्यमों के लिए: 8% से 10% प्रति वर्ष

ब्याज दरें बैंक/वित्तीय संस्थान, उधारकर्ता की क्रेडिट रेटिंग, ऋण राशि, और ऋण की अवधि के आधार पर भिन्न हो सकती हैं। सरकार पीएमईजीपी लोन पर 15% तक ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है। ब्याज सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए, आपको ऋण चुकाने में नियमित होना होगा।

PMEGP लोन की ख़ास बातें व उद्देश्य –

  • पीएमईजीपी मुख्य रूप से नए रोजगारों को सृजित करने पर केंद्रित है, इसलिए यह बेरोजगार युवाओं को सशक्त करने में महती भूमिका निभाती है।
  • यह योजना उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देकर नए उद्यमियों के निर्माण में योगदान करती है।
  • ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में एक समान स्वरोजगार निर्माण पर बल देकर यह योजना राष्ट्र के संतुलित आर्थिक विकास में सहायक है।
  • यह एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। यानी इस योजना में उद्यम स्थापित करने के लिए दिए जाने वाले लोन पर सरकार द्वारा आर्थिक सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।
  • यह योजना व्यापक है जो उत्पादन तथा सेवा दोनों ही क्षेत्रों को अपने अंतर्गत शामिल करती है।

आवेदन हेतु आवश्यक पात्रता व शर्तें –

  • आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
  • ऋण आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड साफ होना चाहिए।
  • न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के रूप में कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण की मांग है।
  • इस योजना के लिए EDP (Entrepreneur Development Programme) प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।
  • व्यवसायिक परियोजना की एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट का निर्माण भी आवश्यक है।

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Pmegp के अंतर्गत कौन सा व्यवसाय आता है?

यहाँ हमने विनिर्माण और सेवा, दोनों प्रकार के बिजनेस, जो स्कीम में आते हैं उनके नाम दिए हैं –

  • खाद्य प्रसंस्करण: फल और सब्जी प्रसंस्करण, मसाले पीसना, डेयरी उत्पाद, बेकरी उत्पाद आदि
  • वस्त्र उद्योग: कपड़े की बुनाई, सिलाई, कढ़ाई, आदि।
  • इंजीनियरिंग उद्योग: छोटे मशीनरी उपकरण, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, आदि
  • रासायनिक उद्योग: साबुन, डिटर्जेंट, सौंदर्य प्रसाधन, आदि।
  • हस्तशिल्प: लकड़ी का काम, धातु का काम, मिट्टी के बर्तन, आदि।
  • पर्यटन: होटल, रेस्टोरेंट, यात्रा एजेंसियां, आदि।
  • शिक्षा: स्कूल, कॉलेज, प्रशिक्षण संस्थान, आदि।
  • स्वास्थ्य सेवा: क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, आदि।
  • आईटी और आईटीईएस: सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एंट्री, कॉल सेंटर, आदि।
  • वित्तीय सेवाएं: माइक्रोफाइनेंस, बीमा, आदि।

पीएमईजीपी के तहत व्यवसाय शुरू करने के लाभ –

  • सरकार द्वारा ऋण पर सब्सिडी
  • ऋण प्राप्त करने में आसानी
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
  • बाजार तक पहुंच

अगर आप अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो पीएमईजीपी एक बेहतरीन योजना है।

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