ऋण से जुड़ी खबरें, नए साल में लोन लेना होगा महंगा? ब्याज दरें हुई अब इतनी

ऋण से जुड़ी खबरें

ऋण यानी लोन एक वित्तीय लेनदेन है जिसमें एक व्यक्ति या संस्था दूसरे व्यक्ति या संस्था को पैसे (money) उधार देती है। ज्यादातर लोग ऋण लेने के बाद, अपनी कुछ जरुरी आवश्यकताओं जैसे कि घर खरीदना, कार खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या व्यवसाय आदि में पैसों की जरुरत को पूरा करते हैं। भारत में ऋण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार द्वारा किसानों, छात्रों, और अन्य लोगों को ऋण प्रदान करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। समय समय पर रिज़र्व बैंक द्वारा रेपोरेट में बदलाव किया जाता है जिसके कारण कई जरूरी न्यूज़ व बैंकिंग ख़बरें जाननी जरुरी होती हैं। इस पोस्ट में हमने ऋण से जुड़ी कुछ महत्त्वपूर्ण ख़बरों की जानकारी दी है –

ऋण से जुड़ी नई खबरें (दिसम्बर 2023) –

  1. आपको बता दें कि rbi ने 2023-24 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 7% कर दिया और अपने औसत मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को बरकरार रखा।
  2. हाल ही में, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 11 प्रतिशत बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया है।
  3. यह लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष में 18 लाख करोड़ रुपये था।
  4. अब और भी तेजी और आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC के माध्यम से छोटे किसानों को 1 लाख 60 हजार रुपये तक बिना गारंटी मिल सकता है। इसकी इफेक्टिव ब्याज दरें मात्र 2 से 4% होती हैं क्योंकि सरकार ब्याज पर सब्सिडी देती है।
  5. 8 दिसंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया,
  6. विश्व बैंक ने कहा है कि दुनिया में ऋण का बोझ बढ़ रहा है। 2023 में, दुनिया का कुल ऋण 307 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह 2022 की तुलना में 8.3 प्रतिशत अधिक है।

ये भी पढ़ें – केसीसी ऋण माफी की ताजा खबर, डिफाल्टर किसानों को छोड़ सब लोन होगा माफ

ऋण की ब्याज दरें घटती बढती क्यों हैं?

लोन ब्याज दरें कई कारकों से प्रभावित होती हैं –

  1. जब महंगाई बढ़ती है, तो बैंकों को अपनी बचत पर अधिक ब्याज दर देनी पड़ती है। इससे बैंकों को ऋण देने पर अधिक जोखिम होता है, इसलिए वे ऋण की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं।
  2. जब बेरोजगारी बढ़ती है, तो लोगों की आय कम हो जाती है। इससे लोगों को ऋण चुकाना मुश्किल हो जाता है, इसलिए बैंक ऋण की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं।
  3. राजनीतिक अस्थिरता भी ऋण की ब्याज दरों को प्रभावित करती हैं इससे बैंकों के वित्तीय संकट पर प्रभाव पड़ता है।

बैंक के लोन वितरण व ब्याज दरों पर कौन नियंत्रण करता है?

भारत में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ऋण की ब्याज दरों को नियंत्रित करता है। RBI रेपो दर को बढ़ाकर या घटाकर ऋण की ब्याज दरों को प्रभावित कर सकता है। रेपो दर वह दर है जिस पर RBI बैंकों को धन उधार देता है।

ऋण की ब्याज दरें बढ़ने से क्या होगा?

ब्याज दरें बढ़ने से लोगों और व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे लोगों को ऋण चुकाना मुश्किल हो सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। इससे व्यवसायों को भी अधिक ब्याज देना पड़ सकता है, जिससे उनकी लागत बढ़ सकती है।

इसलिए, ऋण की ब्याज दरों में वृद्धि से बचने के लिए लोगों को ऋण लेने से पहले सावधानी से विचार करना चाहिए। ऋण लेने से पहले अपनी आय और खर्चों का आकलन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे ऋण चुकाने में सक्षम होंगे।

ये भी पढ़ें – एसबीआई बैंक कौन कौन से लोन दे रही है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *